Shimla News: हिमाचल प्रदेश में साहसिक और ग्रामीण पर्यटन को पंख लगाने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना बनाई है। राज्य भर में करीब 262 माउंटेन बाइक ट्रेल चिन्हित किए गए हैं। वन विभाग और पर्यटन विभाग मिलकर इसके विकास का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
262 ट्रैक्स की पहचान और विस्तृत प्रस्ताव की तैयारी
वन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों से उपयुक्त साइट्स चिन्हित करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 262 स्थानों का चयन किया गया है। विभाग के अनुसार राज्य के वनों और ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक सुंदरता तथा पुराने पहाड़ी मार्ग बाइकिंग के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
इन प्राकृतिक रास्तों को माउंटेन बाइकिंग ट्रेल के रूप में विकसित करने से देश और दुनिया के एडवेंचर टूरिस्ट आकर्षित होंगे। पर्यटन विभाग के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे इस प्रस्ताव में पर्यावरण संरक्षण का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रोजेक्ट इस तरह तैयार होगा ताकि जंगलों और वन्यजीवों को बिल्कुल भी नुकसान न पहुंचे।
केंद्र की मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से होगा विकास
प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (पीसीसीएफ) डॉ. संजय सूद ने बताया कि चिन्हित स्थलों का ड्राफ्ट पूरा होने के बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक तैयार करने के लिए हर एक बिंदु पर गहनता से काम जारी है।
डाॅ. संजय सूद ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलते ही राज्य में चरणबद्ध तरीके से माउंटेन बाइक ट्रेल विकसित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।