Shimla News: हिमाचल प्रदेश में जून के अंत से शुरू हुए मानसून के बाद भारी तबाही देखने को मिली है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 64 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं शामिल हैं। राज्य प्रशासन ने नुकसान का कुल आकलन 797 करोड़ रुपये लगाया है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार शाम तक 120 सड़कें ठप पड़ी थीं। इसके अलावा 60 पेयजल योजनाएं और 39 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप रहे। किन्नौर के नेगुलसारी में लैंडस्लाइड के कारण बंद नेशनल हाईवे 5 को दोबारा खोल दिया गया है। मंडी में 38 और कुल्लू में 31 सड़कें अब भी बंद हैं।
सिरमौर जिले में 26, शिमला में 13, चंबा और कांगड़ा में पांच-पांच तथा ऊना में दो मार्ग ठप पड़े हैं। मौसम विभाग शिमला ने 12 अगस्त तक राज्य के कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट दिया है। राज्य के विभिन्न इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी है।
बीते 24 घंटों के दौरान मनाली में सर्वाधिक 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई। धर्मशाला में 64 मिमी, नाहन में 63.2 मिमी और नैना देवी में 62.8 मिमी बारिश हुई। शिमला में 35.2 मिमी, कसोल में 32 मिमी और सराहन में 30.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। सुंदरनगर क्षेत्र में आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।