हिमाचल प्रदेश सरकार ने रोड सेफ्टी ऑडिट नीति-2026 लागू की, सड़क हादसों में कमी लाने के लिए उठाए सख्त कदम

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सड़क हादसों को रोकने और सुरक्षित बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट नीति-2026 लागू कर दी है। लोक निर्माण विभाग की अधिसूचना के मुताबिक अब सभी प्रमुख सड़कों का अनिवार्य सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। बिना सुरक्षा जांच के वाहनों को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पांच चरणों में किया जाएगा सड़कों का सुरक्षा ऑडिट

नई नीति के तहत सड़कों की जांच पांच स्तरों पर होगी। इसमें योजना, डीपीआर, निर्माण, सड़क खोलने से पहले का चरण और मौजूदा सड़कें शामिल हैं। इस ऑडिट का मुख्य मकसद सड़कों के डिजाइन और संचालन की खामियों को दूर करना है। इससे राज्य में दुर्घटनाओं और ब्लैक स्पॉट में बड़ी कमी आएगी।

सड़कों की जांच स्वतंत्र और प्रशिक्षित विशेषज्ञ करेंगे। ये विशेषज्ञ भारतीय सड़क कांग्रेस के तय पैमानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस प्रक्रिया में सड़क की ज्यामिति, संकेतक, बैरियर, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे पहलुओं की जांच होगी। सरकार शुरुआती चरण से ही सुरक्षा नियम लागू करेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रोड सेफ्टी सेल का गठन होगा। इसमें अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। सरकार समय-समय पर इस नीति की समीक्षा भी करेगी। इससे राज्य में सड़कों की गुणवत्ता सुधरेगी और हादसों पर पूरी तरह लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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