हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक की मां का मुआवजा बढ़ाकर 13 लाख रुपए किया

Share

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक की पीड़ित मां का मुआवजा बढ़ा दिया है। अदालत ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के पुराने फैसले को बदलते हुए मुआवजा राशि 7,19,000 रुपए से बढ़ाकर 13,02,770 रुपए करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की एकल पीठ ने सुनाया अहम फैसला

यह फैसला न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की एकल पीठ ने पीड़ित मां सत्य दिल्टा की अपील याचिका पर सुनाया। मामला 8 नवंबर 2011 का है, जब 23 वर्षीय मोहित दिल्टा खलीनी से चंडीगढ़ जा रहा था। कनलोग नाले के पास तेज रफ्तार गाड़ी खाई में गिरने से मोहित और चालक दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।

हादसे के बाद दुखी मां ने ट्रिब्यूनल में 50 लाख रुपए के मुआवजे का दावा ठोका था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की गणना में कई गंभीर कानूनी गलतियां की थीं। ट्रिब्यूनल ने मृतक की आय और उसकी उम्र का सही आकलन नहीं किया, जिससे मुआवजे का सही हक तय नहीं हो पाया था।

मुआवजे की गणना में पाई गईं कई गंभीर कानूनी त्रुटियां

ट्रिब्यूनल ने बागवान और किसान मोहित की मासिक आय 6,000 रुपए मानी थी, जिसे हाईकोर्ट ने सुधारकर 8,000 रुपए तय किया। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने गलती से उसकी उम्र 33 साल मानकर 11 का मल्टीप्लायर लागू किया था। अदालत ने सही उम्र 23 साल मानते हुए नियम के मुताबिक 18 का मल्टीप्लायर लागू किया है।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों के आधार पर मृतक की आय में 40 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जोड़ी गई। युवक के अविवाहित होने के कारण 50 प्रतिशत राशि व्यक्तिगत खर्चों के तहत काटी गई। हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंस को संशोधित राशि 13,02,770 रुपए पर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करने के आदेश जारी किए।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

Read more

Related News