Himachal News: जिला प्रशासन ने राजस्व कार्यों और संपत्ति से जुड़े अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने जमाबंदी डिजिटाइजेशन, जीरो एंट्री इंतकाल और लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
जमाबंदी डिजिटाइजेशन और लंबित मामलों की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला में चल रहे जमाबंदी डिजिटाइजेशन, जीरो एंट्री इंतकाल और नई जमाबंदी तैयार करने की प्रगति का जायजा लिया। इसके अलावा, विभिन्न राजस्व मामलों में जारी रिकवरी नोटिस, सरकारी भूमि की लीज, अतिक्रमण से जुड़े मामलों और राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित पड़े मामलों के निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
अधिकारियों को दिए गए नियमित निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व मामलों की नियमित रूप से निगरानी करें और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम नागरिकों से जुड़ा हुआ है, इसलिए अधिकारियों का यह मुख्य दायित्व है कि वे जनता को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाएं।
बैठक में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर सहित जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।