Shimla News: दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल प्रदेश में भी सियासी पारा चढ़ गया है। राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने लोक भवन के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को जनविरोधी बताते हुए चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के जरिए ज्ञापन भेजा गया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग दफ्तर जाने से रोकने और पुलिस द्वारा हिरासत में लेने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है, जिसे दबाया जा रहा है।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हुई है और कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे को जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शिमला में प्रदर्शन के बाद अब आने वाले दिनों में पूरे हिमाचल प्रदेश में उग्र धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। इस प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मंगलवार को दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं को रोका गया था। आकाशवाणी भवन के पास धरने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में रिहा किया था। 18 विपक्षी दल एसआईआर का विरोध कर रहे हैं।