Mandi News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल दौरे के दौरान उन्हें मंडी जिले के सराज स्थित थाची निवासी वीर सिंह द्वारा निर्मित पारंपरिक रणसिंघा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया जाएगा। 6 अक्तूबर को बिलासपुर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पर उन्हें यह उपहार दिया जाएगा।
पीतल और तांबे से तैयार इस विशेष स्मृति चिन्ह में दो रणसिंघे और बीच में एम्स का लोगो डिजाइन किया गया है। हाल ही में इस पारंपरिक रणसिंघे को जीआई टैग की मान्यता मिली है। वीर सिंह और उनका परिवार पीढ़ियों से हाथ से रणसिंघे और देवताओं के मोहरे बनाने का काम कर रहा है।
वीर सिंह द्वारा बनाई गई हस्तशिल्प कलाकृतियां इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी भेंट की जा चुकी हैं। उनकी यह कला हिमाचल के अलावा देश-विदेश तक पहुंच चुकी है। पारंपरिक कला के संरक्षण के लिए वीर सिंह को दिल्ली में यंग आर्टिजन अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है।
हिमाचल की देव संस्कृति और धार्मिक आयोजनों में रणसिंघे का विशेष महत्व माना जाता है। वीर सिंह का मानना है कि जीआई टैग मिलने से इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने जीआई टैग व्यवस्था में बिचौलियों को हटाकर असली कारीगरों को सीधे अधिकृत यूजर बनाने की मांग रखी है।