Mandi News: हिमाचल प्रदेश में मंडी-पठानकोट हाईवे के नारला से बिजनी तक 545 करोड़ रुपये की लागत से बने हिस्से की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली मूसलाधार बारिश ने ही सड़क के दावों की हवा निकाल दी। कई जगहों पर सड़क धंस गई है और बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
टांडू और द्रंग के पास धंसा हाईवे का बड़ा हिस्सा
सबसे गंभीर हालत टांडू के पास देखने को मिली, जहां डंगा बैठने से सड़क का बड़ा हिस्सा दरक गया। राहत की बात यह रही कि मैगल ब्रिज का काम पूरा न होने से गाड़ियां नहीं चल रही थीं। द्रंग क्षेत्र के भटोग और डवारडू में भी सड़क धंसने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी पक्का काम करने के बजाय केवल केमिकल और कंक्रीट भरकर लीपापोती में जुटी है। माणा, नारला और कुन्नू समेत कई स्थानों पर डंगे बैठ रहे हैं। वहीं ब्लैक स्पॉट नाम के स्थान पर चट्टानें और मलबा गिरने की वजह से गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है।
कुन्नू और कोटरोपी में लैंडस्लाइड से मार्ग बाधित
उधर कुन्नू बाजार के पीछे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से सड़क की एक लेन पूरी तरह बंद हो गई। हालांकि कंपनी ने एलएनटी और हाइड्रा मशीनें लगाकर मलबा हटा दिया। इससे सड़क पर कुछ ही समय में फिर से गाड़ियों का आना-जाना शुरू हो सका।
दूसरी तरफ कोटरोपी में लैंडस्लाइड के कारण भारी वाहनों के लिए रास्ता बंद हो गया है। इसी जगह पर करीब 9 साल पहले भयानक भूस्खलन हुआ था। उस समय पूरा पहाड़ दरकने से दो बसें मलबे में दब गई थीं और करीब 48 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।