Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सुंदरनगर के तहत मां भद्रकाली धाम मुंदलीधार आस्था का मुख्य केंद्र है। निहरी तहसील की सबसे ऊंची चोटी पर खुले आसमान तले देवी विराजमान हैं। अब स्थानीय निवासियों ने इस धार्मिक और प्राकृतिक स्थल को प्रदेश के पर्यटन मैप पर शामिल करने की मांग उठाई है।
राक्षस वध की पौराणिक कथा से जुड़ा धाम
सुकेत संस्कृति साहित्य एवं जनकल्याण मंच पांगणा के अध्यक्ष डॉ. हिमेंद्र बाली ने बताया कि यहां पुरानी लोककथा प्रचलित है। प्राचीन समय में इलाके में एक अत्याचारी दैत्य का भारी आतंक था। देवी ने भद्रकाली का रूप धरकर उस राक्षस का वध किया। भक्तों के आग्रह पर मां ने मुंदलीधार चोटी को अपना स्थाई धाम बनाया।
मुंदलीधार में मां भद्रकाली की विशाल मूर्ति खुले आसमान के नीचे स्थापित है। देवी के चरणों में एक पवित्र शिवलिंग भी मौजूद है, जो भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है। हर महीने की संक्रांति और दोनों नवरात्र पर्व पर यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
जीवंत गूर परंपरा और पर्यटन विकास की मांग
संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. जगदीश शर्मा के अनुसार, यहां की गूर परंपरा स्थानीय देवसंस्कृति का अभिन्न अंग है। मुख्य गूर दौलतराम और देवी के गणों से जुड़ी मान्यताएं पीढ़ियों से निभाई जा रही हैं। यह धार्मिक परंपरा आज भी पूरी आस्था के साथ जीवित है। श्रद्धालु इन पारंपरिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
निहरी तहसील मुख्यालय फेगड़ू से मात्र तीन किलोमीटर सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। युवा समाजसेवी तोमेश, भाग चंद ठाकुर और दिलेराम ने सरकार से मांग की है कि यहां सड़क, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। साथ ही देव परंपराओं का डॉक्यूमेंटेशन कर इसे इको-टूरिज्म केंद्र बनाया जाए।
