Mandi News: कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआइ ने दयोड़ और हणोगी में बनी बायें तट की दोनों सुरंगों को आगामी तीन महीनों के भीतर पूरी तरह तैयार करके यातायात के लिए खोलने का फैसला लिया है।
करीब एक महीना पहले ही दायें तट की सुरंगों को गाड़ियों की आवाजाही के लिए चालू किया गया था। फिलहाल इन्हीं सुरंगों से दोनों तरफ का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। बायें तट की नई सुरंगें शुरू होने के बाद इस पूरे रूट पर यातायात व्यवस्था पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित और आसान हो जाएगी।
नई योजना के मुताबिक मंडी से कुल्लू की तरफ जाने वाले वाहनों को बायें तट की सुरंगों से निकाला जाएगा। वहीं कुल्लू से मंडी की ओर लौटने वाली गाड़ियां दायें तट की सुरंग का इस्तेमाल करेंगी। इससे आम जनता और पर्यटकों को जाम की झंझट से पूरी तरह निजात मिलेगी।
दयोड़ सुरंग की कुल लंबाई लगभग दो किलोमीटर है, जबकि हणोगी सुरंग करीब 400 मीटर लंबी बनाई गई है। सोमवार को एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्माण कंपनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में इन तैयारियों को अंतिम रूप देकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान वर्ष 2025 की भीषण प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई झलोगी सुरंग के भविष्य पर भी चर्चा हुई। उस वक्त पहाड़ दरकने से सुरंग का मुख्य द्वार पूरी तरह तबाह हो गया था। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए विशेषज्ञों ने इसकी अलाइनमेंट बदलकर 150 मीटर दूर नया द्वार बनाने की सलाह दी है।
आपदा से सुरंग के भीतर हुए नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए विशेषज्ञों का एक दल जल्द ही अंदरूनी हिस्सों का निरीक्षण करेगा। इन सभी सुधार कार्यों के पूरा हो जाने से फोरलेन पर यात्रियों का सफर न केवल पूरी तरह सुरक्षित बनेगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
