स्कूल और कॉलेज परिसरों में नहीं होंगे गैर शैक्षणिक कार्यक्रम, हिमाचल हाई कोर्ट ने सराज नलवाड़ मेले की अनुमति याचिका की खारिज

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई की कीमत पर किसी गैर शैक्षणिक आयोजन की इजाजत नहीं मिलेगी। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की खंडपीठ ने मंडी के सराज कॉलेज में नलवाड़ मेले की अनुमति याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।

आयोजकों ने सराज कॉलेज ग्राउंड में सात से पंद्रह सितंबर तक नौ दिवसीय मेला लगाने की मांग की थी। अदालत ने साल 2017 के पुराने फैसले का संदर्भ दिया। कोर्ट ने कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसर में पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। कड़ा रुख देखकर आवेदक ने अपनी याचिका तुरंत वापस ले ली।

दूसरी तरफ सिरमौर के मानगढ़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दो दिवसीय जन्माष्टमी मेले को विशेष शर्तों पर मंजूरी मिली। मेले का पहला दिन रविवार होने के कारण स्कूल में छुट्टी थी। इसके अलावा खेल मैदान मुख्य भवन से सड़क के दूसरी तरफ स्थित है। पंचायत और प्रबंधन समिति ने पढ़ाई न रुकने का लिखित भरोसा दिया।

अदालत ने निर्देश दिया कि आयोजन से स्कूल संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद मैदान साफ करके प्रिंसिपल को सौंपा जाएगा। परिसर में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन सुरक्षा संभालेगा और आयोजक 10,000 रुपये स्कूल के स्टूडेंट्स वेलफेयर फंड में अनिवार्य रूप से जमा करेंगे।

एक अन्य मामले में हाई कोर्ट ने शिमला के ढलेड में अवैध हिल कटिंग पर सख्त रुख अपनाया। नगर निगम द्वारा खड़ी ढलान काटने पर राज्य सरकार और निगम को नोटिस जारी हुआ। अदालत ने अधिकारियों को तुरंत साइट का मुआयना कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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