Kinnaur News: पवित्र किन्नौर कैलाश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के बीच इस वर्ष जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा की आधिकारिक शुरुआत 30 जुलाई को हुई थी। इसके बाद से महज चार दिनों के भीतर 960 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं।
रविवार को ही 352 तीर्थयात्रियों ने तंगलिंग बेस कैंप से अपनी कठिन पैदल यात्रा की शुरुआत की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है।
ऑनलाइन स्लॉटों की मांग बढ़ी, मिनटों में बुक हुई वेबसाइट
यात्रा के लिए ऑनलाइन स्लॉटों की मांग बहुत अधिक है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 4 अगस्त तक के सभी स्लॉट 28 जुलाई को पोर्टल खुलते ही कुछ ही घंटों में पूरी तरह से बुक हो गए थे।
इसके बाद प्रशासन ने 5 से 10 अगस्त तक के लिए ऑनलाइन पंजीकरण रविवार को दोबारा खोला, लेकिन महज ढाई घंटे में सभी स्लॉट भर गए। पोर्टल के माध्यम से रोजाना 175 ऑनलाइन स्लॉट बुक किए जा रहे हैं।
तंगलिंग बेस कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण का भी विकल्प उपलब्ध
जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन स्लॉट नहीं मिल पाया है, वे तंगलिंग बेस कैंप में जाकर ऑफलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि यात्रा पर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना बेहद जरूरी और अनिवार्य है।
पंजीकरण कराने के बाद श्रद्धालुओं को तंगलिंग बेस कैंप से टोकन लेना होगा। जिन यात्रियों के पास टोकन नहीं होगा, उन्हें गणेश बाग स्थित दूसरे बेस कैंप से ही वापस भेज दिया जाएगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासन ने नियम किए सख्त, दोपहर एक बजे तक ही अनुमति
शुरुआती दिनों में प्रशासन ने बिना टोकन वाले यात्रियों के प्रति थोड़ी नरमी दिखाई थी, लेकिन अब नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। बिना अनुमति किसी को भी आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तंगलिंग बेस कैंप से श्रद्धालुओं को दोपहर केवल 1:00 बजे तक ही आगे की यात्रा पर जाने की अनुमति दी जा रही है। इसके बाद किसी भी यात्री को आगे जाने नहीं दिया जाता।