Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शरद नवरात्रों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की योजना पूरी तरह धराशायी हो गई. रियूंद पुल को दो दिन के लिए छोटे निजी वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने का फैसला लिया गया था. लेकिन सोमवार को एनएचएआई ने मौके पर पुल खोलने से साफ मना कर दिया.
एनएचएआई के अचानक इंकार करने से पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. इसके चलते श्रद्धालुओं और स्थानीय वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. प्रशासनिक स्तर पर पुलिस और हाईवे अथॉरिटी के बीच तालमेल की भारी कमी इस पूरी अव्यवस्था के दौरान साफ तौर पर देखने को मिली.
डीएसपी कांगड़ा राजेश कुमार ने नवरात्रों के ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक पुल खोलने की घोषणा की थी. उनके अनुसार एनएचएआई से सहमति मिलने के बाद ही यह आदेश जारी किया गया था. हालांकि सोमवार को अधिकारियों के पलट जाने से वाहन चालक फंसे रह गए.
प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय पर उठे गंभीर सवाल
जब वाहन चालक पुल से गुजरने की उम्मीद लेकर पहुंचे तो उन्हें एनएचएआई के विरोध का सामना करना पड़ा. इस स्थिति से आम जनता में भारी रोष देखने को मिल रहा है. जब पुलिस के मुताबिक पहले ही सहमति बन चुकी थी तो अचानक फैसला बदलने से विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों विभागों के बीच तालमेल की इस कमी का खामियाजा आम जनता और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है. ट्रैफिक जाम के कारण घंटों गाड़ियों में फंसे लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समन्वय बनाकर रास्ता खुलवाने की पुरजोर मांग की है.
