Kangra News: हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और कांगड़ा विधायक पवन काजल ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नाबार्ड से जुड़ी विकास परियोजनाओं की फाइलों को नीति आयोग स्तर पर अटकाया जा रहा है।
विपक्षी विधायकों की परियोजनाओं को रोकने का आरोप
राजियाना पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम में पवन काजल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब विपक्ष के विधायकों की प्राथमिकता वाली डीपीआर को रोका जा रहा है। कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में नाबार्ड की करीब 65 करोड़ रुपये की सड़क और पेयजल योजनाएं पिछले साढे तीन वर्षों से लंबित पड़ी हुई हैं।
भाजपा विधायक ने बताया कि नाबार्ड मद में 65 लाख रुपये उपलब्ध होने के बावजूद डीपीआर को मंजूरी नहीं दी जा रही है। इससे क्षेत्र का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया। सरकार युवाओं को नौकरी, महिलाओं को 1500 रुपये और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने में विफल रही है।
राशन वितरण व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग पर निशाना
पवन काजल ने राशन वितरण प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डिपो में लोगों को चीनी और दालें नहीं मिल पा रही हैं। लाभार्थियों को घटिया क्वालिटी का आटा और चावल बांटा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि समेला सुरंग से कांगड़ा बाईपास तक सड़क चौड़ीकरण के लिए बजट मंजूर होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने इस सड़क के लिए 11.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा बिरता पंचायत में बैठावाली सड़क के निर्माण के लिए नाबार्ड से बजट आवंटित होने के बाद भी छह महीने से काम ठप है। पवन काजल ने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए राज्य सरकार विपक्ष के खिलाफ लगातार झूठा प्रचार करने में जुटी हुई है।