Kangra News: कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर विस्थापित परिवारों ने मुआवजे की अलग-अलग दरों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इच्छी, बरसवालकर और बाग क्षेत्र के प्रभावितों का आरोप है कि एक ही प्रोजेक्ट में शामिल क्षेत्रों के बीच मुआवजे की दरों में बहुत बड़ा अंतर रखा गया है।
क्षेत्रवार मुआवजे की दरों में भारी असमानता का आरोप
प्रभावित ग्रामीण अविनाश के अनुसार गग्गल में फैक्टर-1 जोड़कर मुआवजा लगभग 1.28 करोड़ रुपये प्रति कनाल तय बताया जा रहा है। वहीं इच्छी में यह रकम करीब 56 लाख रुपये और बाग क्षेत्र में महज 24 लाख रुपये प्रति कनाल बताई जा रही है। प्रभावितों ने प्रशासन से इन दरों के निर्धारण की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैतृक जमीन और आशियाना छिनने के बाद मौजूदा महंगाई में दूसरी जगह जमीन खरीदकर बसना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजा तय करते समय सिर्फ मौजूदा जमीन का मूल्य ही नहीं, बल्कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और भविष्य की बुनियादी जरूरतों को भी प्रमुखता से ध्यान में रखा जाना जरूरी है।
मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता लाने की गुहार
प्रभावित परिवारों ने साफ किया कि उनका मकसद किसी अन्य क्षेत्र का मुआवजा कम कराना नहीं, बल्कि सभी इलाकों के लिए पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इच्छी, बाग और बरसवालकर के लोगों की आपत्तियों को सुना जाए तथा दरों में इतने बड़े अंतर का आधार स्पष्ट किया जाए।
