Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश में कालाअंब से पांवटा साहिब तक का 60 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग-07 खस्ताहाल हो चुका है। जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों, तीखे मोड़ों और बारिश के पानी के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क की मरम्मत कराने का फैसला किया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-07 का यह हिस्सा पहले राज्य लोक निर्माण विभाग के पास था। हाल ही में इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपा गया है। शक्तिनगर-दोसड़का से खजूरना पुल तक और बोहलियों, शंभूवाला, मोगीनंद तथा धौलाकुआं के पास सड़क बेहद खराब स्थिति में है।
सड़क पर अचानक गड्ढे आने से वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। इस वजह से पीछे से आ रही गाड़ियों की टक्कर होने का डर बना रहता है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की भारी आवाजाही और संकरे मोड़ होने से जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
हाल के महीनों में हुए प्रमुख हादसे और जाम
इस राजमार्ग पर हाल ही में कई दर्दनाक हादसे और यातायात जाम की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। 17 सितंबर को क्यारदा में पीछे से आ रही जेसीबी मशीन ने 26 वर्षीय बाइक सवार सौरभ को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई और आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया।
इसके अलावा 1 अक्टूबर को बोहलियों के पास खनन सामग्री से भरा एक ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे कुछ समय के लिए आवाजाही ठप रही। वहीं 4 सितंबर को भारी बारिश के बाद कटासन देवी के ढाल के पास नाले का पानी सड़क पर आने से बड़ा हादसा हो गया था।
मरम्मत के लिए 24.83 करोड़ रुपये का टेंडर
सड़क की स्थिति सुधारने के लिए एनएचएआई ने 24.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का टेंडर जारी किया है। इस निविदा के तहत राजमार्ग के किलोमीटर 52 से 97 तक एक साल का रखरखाव किया जाएगा। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद धैया के अनुसार, हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी रहने तक लोगों को राहत देने के लिए एक दूसरी निर्माण एजेंसी को मरम्मत का जिम्मा सौंपा गया है। दशहरे के अगले दिन से सड़क पर पैचवर्क और रखरखाव का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
फोरलेन बनने तक सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी
भविष्य में इस मार्ग को फोरलेन में विकसित करने के लिए नए सिरे से टेंडर निकाला जाएगा। हालांकि, फोरलेन बनने में समय लगेगा, इसलिए फिलहाल गड्ढों को भरने, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने और खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की तत्काल जरूरत है ताकि हादसों को रोका जा सके।
