Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एचआरटीसी के परिचालक सुरेंद्र ठाकुर की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। वह राजगढ़ सब डिपो में कार्यरत थे। जिस बस से उन्होंने वर्षों सेवा दी, उसी बस को फूलों से सजाकर उनका पार्थिव शरीर उनके गांव ले जाया गया।
नाइट ड्यूटी के बाद कमरे में अचेत मिले परिचालक
राजगढ़ विकास खंड की नेहर पाब पंचायत के जुब्बल गांव निवासी सुरेंद्र ठाकुर कुछ समय से बीमार थे। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें कुछ दिन अड्डा प्रभारी बनाया गया था। अवकाश से लौटने के बाद उनकी नाइट ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी खत्म कर वह अपने कमरे में आराम करने चले गए थे।
सुबह जब बस चालक उन्हें जगाने पहुंचा, तो वह कमरे में अचेत पड़े मिले। चालक और सहकर्मी तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल राजगढ़ ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुए इस हादसे से पूरा निगम परिवार गहरे शोक में डूब गया है।
फूलों से सजी बस में दी गई अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को एचआरटीसी की बस में रखा गया। अंतिम विदाई के लिए बस को फूलों से सजाया गया था। राजगढ़ बस अड्डे पर अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा माहौल बेहद भावुक हो गया।
सहकर्मियों ने बताया बेहद ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी
सहकर्मियों ने बताया कि सुरेंद्र ठाकुर बेहद हंसमुख और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में हमेशा ईमानदारी से काम किया। उनके निधन पर निगम ने गहरा दुख जताया है। एचआरटीसी की ओर से पीड़ित परिवार को तुरंत 10 हजार रुपये की राहत राशि दी गई है।