Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए रास्ते खोलने जा रही है। अब केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी युवाओं को बेहतर सैलरी वाली नौकरियां दिलाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसके लिए विशेष कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाषा की बाधा दूर करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि विदेशी भाषा सीखने से अंतरराष्ट्रीय जॉब मार्केट में हिमाचली युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे। इससे युवाओं को विदेशों में सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार मिल सकेगा।
विदेशी भाषा कोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से युवाओं को मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को विदेशी भाषा के कोर्स शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के जरिए कुशल युवाओं को विदेश भेजने में मदद कर रही है। इससे युवाओं की कार्यक्षमता और एम्प्लॉयबिलिटी में सुधार होगा।
विदेशों में काम कर रहे हिमाचली युवाओं की सुरक्षा और मदद के लिए सरकार एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार कर रही है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विदेश में नौकरी कर रहे युवाओं का पूरा डेटा सुरक्षित रखेगा। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत के समय राज्य सरकार तुरंत उनसे संपर्क करके सहायता पहुंचा सकेगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरकारी योजनाओं की होगी मॉनिटरिंग
राज्य सरकार को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रिक्रूटमेंट एजेंसी का लाइसेंस मिल चुका है। इससे युवाओं को विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी। सरकार का मुख्य मकसद युवाओं को किसी भी प्रकार के शोषण से बचाना और उन्हें बेहतर वेतन पैकेज वाली नौकरियां दिलाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रम एवं रोजगार विभाग की प्रमुख योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए उन्हें सीएम डैशबोर्ड पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जनजातीय विकास विभाग और वनाधिकार अधिनियम से जुड़े मामलों की ताजा स्थिति भी डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी, ताकि सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
