Chamba News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सर्दियों की दस्तक के साथ ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। चंबा जिले के पांगी और भरमौर की ऊंची चोटियों पर हिमपात के बीच दो दुर्लभ स्नो लेपर्ड देखे जाने की सूचना मिली है। इसके साथ ही रोहतांग दर्रे और लाहुल-स्पीति में भी भारी बर्फबारी से पूरा राज्य शीतलहर की चपेट में आ गया है।
पांगी और भरमौर में बर्फ की सफेद चादर
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर की ऊंची पहाड़ियों पर करीब तीन इंच तक ताजा हिमपात हुआ है। पांगी की सुराल घाटी में भी लगातार बर्फ गिर रही है। इस बीच बर्फीले इलाकों में छिपकर रहने वाले दो स्नो लेपर्ड दिखाई देने से वन्यजीव प्रेमी बेहद उत्साहित हैं। हालांकि, वन विभाग की ओर से इनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने पूरे ऊपरी हिमाचल में कड़ाके की ठंड की शुरुआत कर दी है। पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण की बढ़ी चुनौती
हिमालय के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र कई दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक घर हैं। शर्मीले स्वभाव के कारण स्नो लेपर्ड आसानी से नजर नहीं आते हैं। किसी क्षेत्र में इनकी मौजूदगी का सही आकलन करने के लिए वन विभाग द्वारा कैमरा ट्रैप तकनीक और वैज्ञानिक अध्ययन का सहारा लिया जाता है। इनकी हलचल प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करती है।
चंबा के पांगी और भरमौर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाने जाते हैं। बर्फबारी के सुंदर दृश्यों के साथ स्नो लेपर्ड की मौजूदगी ने इस क्षेत्र की विशिष्टता को एक बार फिर उभारा है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के बीच इन संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों और दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है।
