Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की पहली जोरदार बारिश ने राज्यभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
हिमाचल के कई जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी
मौसम विभाग ने 30 जुलाई तक राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 31 जुलाई से 3 अगस्त तक भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, सोलन, सिरमौर और चंबा जिलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भारी बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबे के गिरने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। अचानक बाढ़ आने से निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर फिसलन होने और विजिबिलिटी घटने से ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं। भूस्खलन की संभावना वाले रास्तों पर यात्रा करने से बचें। चालकों को सलाह दी गई है कि वे गाड़ी चलाते समय स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह से पालन करें।
बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई, जिसमें चंबा के जोत में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बिलासपुर के नैना देवी में 12 और चंबा के चुवाड़ी में 11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
मंडी जिले के कटौला में 9 और मुरारी देवी में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के घमरूर और शिमला में 6-6 सेंटीमीटर पानी बरसा। इसके अलावा बिलासपुर के ब्राह्मणी, मंडी के जोगिंदरनगर और शिमला के अन्य हिस्सों में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है।
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट शेड्यूल
28 जुलाई को कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है। 29 जुलाई को सिरमौर में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में येलो अलर्ट जारी रहेगा।
30 जुलाई को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला समेत कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
आगामी 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों तक राज्य के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम ठंडा रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
आवश्यक सेवाएं ठप और करोड़ों रुपये का हुआ नुकसान
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक भारी वर्षा से अब तक 108 ग्रामीण सड़कें बंद हो चुकी हैं। बिजली आपूर्ति के 9 ट्रांसफार्मर और पीने के पानी की 38 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इस मॉनसून सीजन में राज्य को अब तक 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
राजधानी शिमला में लगातार जारी बारिश के बीच जगह-जगह भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार सुबह कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के सामने अचानक लैंडस्लाइड हो गया। दो बार मलबा और बड़े पत्थर गिरने से कार्ट रोड पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और रास्ता बंद हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीमें और जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे और पत्थरों को हटाकर रास्ते को दोबारा गाड़ियों की आवाजाही के लिए शुरू कराया गया। बालूगंज-चक्कर रोड पर भी एक विशाल पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया था।
मौसम के बदले मिजाज से शिमला धुंध के आगोश में समाया नजर आया। प्रसिद्ध रिज मैदान पर घनी धुंध छा जाने से पूरा इलाका सफेद चादर में लिपटा दिखा। दूसरी तरफ, चंबा शहर में फ्लैश फ्लड आने से भारी तबाही देखने को मिली है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।