हिमाचल प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर, फोरलेन और रेलवे नेटवर्क से आसान हुआ सफर

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Shimla News: दुर्गम रास्तों और मौसम की मार झेलने वाला हिमाचल प्रदेश आज आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन केंद्र बन रहा है। ऊंचे दर्रों और खाइयों की बाधाओं को पार कर राज्य ने कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की है। फोरलेन, रेलवे और रोपवे परियोजनाओं ने प्रदेश के विकास की रफ्तार को और तेज कर दिया है।

फोरलेन और सुरंगों से सुगम हुआ सड़कों का सफर

सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कीरतपुर-मनाली, कालका-शिमला, पठानकोट-मंडी और शिमला-मटौर फोरलेन परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। अत्याधुनिक सुरंगों और पुलों ने खतरनाक घुमावदार मोड़ों को खत्म कर दिया है। इससे यात्रा का समय आधा रह गया है। बागवानों को मंडियों तक पहुंच आसान हुई है और पर्यटन कारोबार को भी नया बल मिला है।

रेलवे नेटवर्क के मामले में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है, जो बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन की आधारशिला बनेगी। इसके अलावा ऊना में दौलतपुर चौक तक ट्रेन सेवाएं पहुंच चुकी हैं, जिससे लोगों का सफर काफी आसान और सुविधाजनक हो गया है।

रोपवे और हेलीटैक्सी से दूरदराज क्षेत्र जुड़े

पर्वतमाला योजना के तहत निर्मित रोपवे नेटवर्क शिमला, धर्मशाला और मनाली में ट्रैफिक जाम का पर्यावरण-अनुकूल समाधान बन रहा है। इससे धार्मिक स्थलों और दुर्गम चोटियों तक पहुंच सुलभ हो गई है। वहीं, हेलीटैक्सी सेवा ने पांगी, भरमौर और किन्नौर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा और स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जोड़ दिया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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