नशे के खिलाफ हिमाचल सरकार की बड़ी कार्रवाई, चिट्टा तस्करी में संलिप्त बिजली बोर्ड के तीन कर्मचारी बर्खास्त

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिजली बोर्ड ने सख्त कार्रवाई की है। चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) तस्करी और इसके इस्तेमाल में संलिप्तता पाए जाने पर विभागीय जांच के बाद बोर्ड ने अपने तीन कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

बर्खास्त कर्मचारियों में मंडी मंडल का जेओए (आईटी) राहुल और गोहर मंडल के टी-मेट लाल सिंह व हरीश शामिल हैं। तल्याहड़ निवासी राहुल को अप्रैल 2024 में 12.66 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था। बिलासपुर में युवक की मौत के मामले में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी।

दो बार पकड़ा गया टी-मेट लाल सिंह और हरीश पर भी शिकंजा

गोहर मंडल के टी-मेट लाल सिंह को पहली बार फरवरी 2025 में 44 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जमानत मिलने के बाद मार्च 2026 में वह फिर तीन ग्राम चिट्टे संग पकड़ा गया। वहीं शिकावरी निवासी टी-मेट हरीश को अप्रैल 2024 में 32.37 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था।

बिजली बोर्ड मंडी के मुख्य अभियंता रजनीश कुमार ने बताया, “चिट्टा तस्करी में संलिप्त बिजली बोर्ड के तीनों कर्मचारियों को विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिया है। नशे के अवैध धंधे में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।” शिक्षा विभाग के एक कर्मी को भी नोटिस दिया गया है।

प्रदेश में अब तक 36 सरकारी कर्मचारी हो चुके हैं बर्खास्त

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के मामलों में अब तक 36 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों के अलावा बैंक, सेना और डाक विभाग के 113 कर्मचारी नशे के नेटवर्क में शामिल पाए गए हैं। बर्खास्त कर्मियों में 21 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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