Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को फिलहाल परीक्षा शुल्क में कोई राहत नहीं मिलेगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं की फीस घटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के संचालन खर्च के कारण यह शुल्क लिया जा रहा है।
विधानसभा में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के लिखित सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि राज्य चयन आयोग में 100 रुपये परीक्षा शुल्क और 700 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज मिलाकर कुल 800 रुपये लिए जा रहे हैं। पहले पेन-पेपर मोड में सामान्य वर्ग से 360 और आरक्षित वर्ग से 120 रुपये लिए जाते थे।
लोक सेवा आयोग ने भी बढ़ाई आवेदन फीस
राज्य में अब चयन आयोग की भर्ती परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट प्रणाली से आयोजित की जा रही हैं। एजेंसी के तकनीकी खर्च को पूरा करने के लिए प्रोसेसिंग चार्ज तय किया गया है। इसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी आवेदन शुल्क 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया है।
सरकार ने 31 मार्च 2026 को लोक सेवा आयोग को भी अपनी फीस संरचना स्वतंत्र रूप से तय करने के लिए अधिकृत किया है। भर्ती प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अपनाई गई है, जिसके चलते शुल्क में यह बदलाव लागू किया गया है।
199 पीएम श्री स्कूलों में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
राज्य के 199 पीएम श्री स्कूलों में नवाचार, तकनीक, खेल और कौशल विकास से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विधायक विनोद कुमार के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब, डिजिटल क्लासरूम, साइंस लैब, लाइब्रेरी और ओपन जिम बनाए जा रहे हैं।
योजना के तहत विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों और एक्सपोजर विजिट से जोड़ा जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक मुफ्त किताबें, छात्राओं और एससी-एसटी छात्रों को यूनिफॉर्म दी जाएगी। छात्राओं को स्कॉलरशिप और सेनेटरी पैड मिलेंगे, जबकि चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी होगी।