Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार मंदिरों की चढ़ावा राशि का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक कार्यों में करने के लिए हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर करेगी। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने यह घोषणा की। इसके अलावा सदन में बस रूट, सफेदा कटान और बीपीएल पात्रता जैसे जनमुद्दे भी गूंजे।
विधानसभा के शून्यकाल में विधायक सुदर्शन बबलू ने मंदिरों के चढ़ावे से जुड़ा मुद्दा उठाया। इस पर जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रदेश के करीब तीन दर्जन प्रमुख मंदिर सरकार के नियंत्रण में हैं। उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई पाबंदियों को हटाने के लिए सरकार जल्द अदालत में अपना पक्ष रखेगी।
कानून विभाग की शुरुआती राय के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल जनकल्याणकारी और शैक्षणिक कार्यों में किया जा सकता है। सरकार पूरी मजबूती के साथ कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही भोरंज में बसें बंद होने के सवाल पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जल्द इलेक्ट्रिक बसें चलाने का भरोसा दिया।
विधायक बलवीर शर्मा के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें आ चुकी हैं। जहां संभव है, वहां ये बसें भेजी जा रही हैं। चौपाल जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए सरकार वहां पर केवल डीजल बसें ही उपलब्ध कराएगी।
विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सफेदा पेड़ों के कटान की नई और जटिल प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पांवटा, नालागढ़ और नूरपुर मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं। किसानों पर प्रति ट्रक 500 रुपये और प्रति पेड़ 90 रुपये फीस लगा दी गई है। उन्होंने फायर सीजन में भी कटान की छूट मांगी।
विधायक सुधीर शर्मा ने भूमिहीन परिवारों की बीपीएल पात्रता और हिमाचली प्रमाण पत्र के नियमों को स्पष्ट करने की मांग की। वहीं विधायक इंद्र सिंह गांधी ने रिवालसर में नशा रोकने के लिए पुलिस थाना खोलने का आग्रह किया। विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बिलासपुर में बिजली कट और पेयजल किल्लत का मामला उठाया।