Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की है। उन्होंने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय और धर्मशाला केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े लंबित मामलों को जल्द हल करने की मांग उठाई। इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिया है।
शांता कुमार ने कहा कि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय में पिछले तीन सालों से परमानेंट वाइस चांसलर की अपॉइंटमेंट नहीं हुई है। इसके साथ ही संस्थान में वित्तीय संकट बना हुआ है। इस कारण कर्मचारियों के सैलरी पेमेंट में देरी हो रही है। इससे यूनिवर्सिटी की कई महत्वपूर्ण गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर निर्माण में देरी पर जताई चिंता
पूर्व सीएम ने धर्मशाला में बन रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के कंस्ट्रक्शन में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लगभग 12 साल पहले मंजूरी दी थी। हालांकि राज्य सरकार का वित्तीय शेयर जारी न होने की वजह से इसका काम लटका हुआ है।
वर्ष 1978 में शुरू हुए पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय ने कांगड़ा और पूरे प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें राज्य सरकार को 30 करोड़ रुपये का योगदान देना था। फंड जारी न होने से प्रोजेक्ट अटका है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिया समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन
कांगड़ा के बुद्धिजीवियों और आम जनता ने इन समस्याओं के समाधान की कई बार मांग की है। शांता कुमार ने विशेष रूप से पालमपुर विश्वविद्यालय में स्थायी वाइस चांसलर की नियुक्ति पर जोर दिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कुछ व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी दी और दोनों विश्वविद्यालयों के मुद्दों को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया।