Shimla News: हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों से हर वर्ग परेशान है। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व्यवस्था और बागवानी क्षेत्र को गहरे संकट में बताया।
जयराम ठाकुर ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के टीके उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को 12 हजार रुपये देकर निजी दुकानों से दवाइयां और एमआरआई करानी पड़ रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी से गरीब और ग्रामीण परिवारों के छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्र फीस वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है और उनकी मांगें नहीं सुन रही है।
बागवानी क्षेत्र का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य की 5,500 करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरियां बेचने वाले बागवानों को एसडीएम और तहसीलदार दफ्तरों में जमीन के कागजात और पहचान पत्र के साथ बुलाया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 का लगभग 80 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान अब तक अटका हुआ है। गनी बैग खरीद पर 30 बैग की सीमा भी अव्यावहारिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फैसले वापस नहीं हुए, तो भाजपा पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।