कारगिल युद्ध के अमर शहीद सुनील कुमार की याद में प्रवेश द्वार निर्माण की मांग 27 वर्षों से अधूरी

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Hamirpur News: कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले का योगदान अतुलनीय रहा है। टनेकंड गांव के अमर शहीद सुनील कुमार ने 18 जुलाई 1999 को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहादत के 27 साल बाद भी उनके सम्मान में गांव का प्रवेश द्वार न बनने से परिजनों में मलाल है।

कारगिल युद्ध में ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए सुनील कुमार के बलिदान पर पूरे परिवार और गांव को गर्व है। सरकार ने ग्रामीणों की मांग पर गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाया है। इसके साथ ही गांव के स्थानीय स्कूल को भी अपग्रेड कर दिया गया है, जिसके लिए ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया है।

शहीद की याद में प्रवेश द्वार बनाने की मांग लंबित

शहीद सुनील कुमार की छोटी बहन रेखा कुमारी ने बताया कि उनके भाई का स्वभाव बेहद मिलनसार था। जब भी वे छुट्टी पर घर आते थे, तो गांव में सभी से हाल-चाल पूछते थे। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि गांव को शहीद के नाम से पहचाना जाए और मुख्य मार्ग पर स्मारक प्रवेश द्वार बनाया जाए।

रेखा कुमारी के अनुसार पूर्व में एक गेट लगाया गया था, लेकिन किसी ने उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद से अब तक नया प्रवेश द्वार नहीं बन सका है। सूबेदार प्रवीण ठाकुर और स्थानीय निवासी प्रेमलाल चंदेल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विधायक रणजीत राणा से मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी।

प्रशासनिक तालमेल के अभाव में अटका निर्माण कार्य

स्थानीय विधायक रणजीत राणा ने ग्रामीणों की इस जायज मांग को स्वीकार भी किया था। हालांकि, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के बीच सही तालमेल न होने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। 27 वर्षों से लंबित पड़ी इस मांग को पूरा करने के लिए ग्रामीणों ने सरकार से जल्द कदम उठाने की अपील की है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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