Hamirpur News: हमीरपुर जिले की सदर पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक परिवार से नकदी व गहने ठगने के मामले में डेढ़ साल से फरार चल रही महिला को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला वहां पहचान छिपाकर घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थी। अदालत ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की सदर पुलिस ने धोखाधड़ी के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक परिवार से नकदी और गहने ऐंठने के आरोप में लंबे समय से फरार चल रही महिला को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी महिला को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
बेटे की शादी कराने के नाम पर ऐंठी थी नकदी और गहने
सदर थाना के तहत पुलिस चौकी जम्बाला क्षेत्र से जुड़े इस मामले की आरोपी महिला की पहचान 40 वर्षीय आशा कुमारी पत्नी त्रिलोक चंद, निवासी गांव सन्नू (डाकघर रंगड़, तहसील सुजानपुर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आशा कुमारी और उसके पति त्रिलोक चंद ने एक स्थानीय परिवार से संपर्क कर उनके बेटे की शादी करवाने का भरोसा दिया था।
रिश्ता तय कराने के नाम पर इस दंपति ने पीड़ित परिवार से नकदी, सोने की अंगूठी और कीमती कपड़े ऐंठ लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी शादी नहीं हुई और दंपति लगातार टालमटोल करता रहा, तब पीड़ित परिवार को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद परिवार ने सदर पुलिस थाना हमीरपुर में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी।
पति पहले ही पकड़ा गया, महिला ने चंडीगढ़ में छिपाई थी पहचान
पीड़ित परिवार की शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी पति त्रिलोक चंद को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उस समय आशा कुमारी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रही थी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी महिला हिमाचल छोड़कर चंडीगढ़ पहुंच गई। वहां उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपा ली और जीविका चलाने के साथ-साथ पुलिस से बचने के लिए एक घर में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करने लगी।
गुप्त सूचना के आधार पर दबिश, रिमांड में होगी पूछताछ
हमीरपुर पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी महिला की लगातार तलाश कर रही थी। अंततः गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने चंडीगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया और हमीरपुर ले आई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश उपाध्याय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत से आरोपी महिला का 4 दिन का रिमांड मिला है। रिमांड अवधि के दौरान उससे गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले में ऐंठी गई नकदी और आभूषणों की बरामदगी की जा सके।