Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदरनगर क्षेत्र की बेटी एवं पीजीआई चंडीगढ़ के नेत्र रोग विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. दीक्षा कटोच को प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान 24 अक्तूबर को उत्तराखंड के मसूरी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।
मेधावी छात्र जीवन और शानदार शैक्षणिक सफर
जोगिंदरनगर के बालकरूपी गांव से ताल्लुक रखने वाली डॉ. दीक्षा कटोच शुरू से ही बेहद मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने शिमला के प्रसिद्ध सेंट बीड्स कॉलेज से अपनी शिक्षा प्राप्त की और जमा दो की बोर्ड परीक्षा में पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसके बाद उच्च चिकित्सा शिक्षा के लिए उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ का रुख किया, जहां से एमएस की डिग्री हासिल करने के साथ ही उन्होंने नेत्र रोग विभाग में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड और चिकित्सा क्षेत्र में असाधारण योग्यता के बल पर वह वर्तमान में पीजीआई चंडीगढ़ में नेत्र रोग विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
प्रतिष्ठित शैक्षणिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाला परिवार
डॉ. दीक्षा कटोच का परिवार भी शिक्षा, प्रशासन और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में एक विशेष पहचान रखता है। उनके पिता डॉ. डीसी कटोच हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, शिमला में सदस्य के रूप में सेवाएं दे चुके हैं और वर्ष 2013 में इस पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह जोगिंदर नगर क्षेत्र से इस संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले इकलौते व्यक्ति हैं। इसके अलावा, उनकी माता संतोष कटोच शिमला के एक सरकारी कॉलेज से एसोसिएट प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं।
स्कूली शिक्षा में प्रदेश स्तर पर टॉप करने से लेकर पीजीआई चंडीगढ़ जैसे देश के शीर्ष संस्थान में उच्च पद तक पहुंचने का डॉ. दीक्षा का सफर पूरी तरह से उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा पर आधारित है। उत्तराखंड स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से मिला यह नया सम्मान उनकी उपलब्धियों में एक और गौरवशाली अध्याय के रूप में जुड़ गया है। उनकी यह शानदार सफलता जोगिंदर नगर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश के युवाओं, विशेषकर चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाली छात्राओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।