Kasauli News: पर्यटन नगरी कसौली के ऐतिहासिक कसौली क्लब में आयोजित तीन दिवसीय ‘खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल’ के दूसरे दिन साहित्य, जीवन के अनुभवों, सामाजिक सरोकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे समकालीन विषयों पर कई विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए।
‘असहमति की कला’ और संवाद की विविधता
इस वर्ष लिट्फेस्ट का मुख्य विषय ‘द आर्ट ऑफ डिसएग्रीमेंट’ (असहमति की कला) और ‘कन्वर्सेशंस अक्रॉस डिवाइड्स’ रखा गया है, जिसके तहत विभिन्न सत्रों में विचारों की विविधता को बेहद खूबसूरती से सामने रखा गया।
शनिवार को आयोजित पहले सत्र में वीना नारवणे और बहार दत्त ने ‘ट्रांसेंडिंग लॉस एंड ग्रीफ’ विषय पर अपने विचार रखे। सोनाली गुप्ता द्वारा संचालित इस सत्र में जीवन में नुकसान और दुख जैसे संवेदनशील पहलुओं को गहराई से समझने के दृष्टिकोण पर सार्थक संवाद हुआ। इसके बाद के सत्र में नील कमल पुरी ने ‘बायोग्राफी ऑफ ए सिटी’ विषय पर चर्चा की, जिसका संचालन मनराज ग्रेवाल ने किया।
युवाओं के मुद्दे और एआई की दुनिया पर विशेष सत्र
लिटफेस्ट के दूसरे हिस्से में टेनिस कोर्ट के पीछे स्थित लॉन में युवाओं और समकालीन मुद्दों से जुड़े कई आकर्षक सत्र हुए। मयंक कानुनगो ने ‘सर्विस बिफोर सेल्फ (बट ब्रेकफास्ट बिफोर सर्विस)’ विषय पर चर्चा की, जिसका संचालन सौम्या शर्मा ने किया। इसके बाद पूजा पोद्दार मरवाह ने ‘इट्स टीन टाइम ब्रो’ सत्र के माध्यम से युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया, जिसे शिनी एंटनी ने संचालित किया।
कार्यक्रम में तकनीकी युग और एआई के प्रभाव पर भी विशेष चर्चा की गई। मंदीरा शाह ने ‘डिस्टोपिया इन एन एआई वर्ल्ड’ विषय पर कार्यशाला आयोजित कर तकनीक के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़ी चिंताओं पर विचार-विमर्श किया। इसके अतिरिक्त, बर्टी एशले ने ‘ब्रेन गेन: इट्स क्विज टाइम फोक्स’ सत्र के जरिए प्रतिभागियों को ज्ञान और मनोरंजन से जोड़ा, जिसका संचालन मधुर सिंह ने किया। दिनभर चले इन विभिन्न सत्रों के माध्यम से संवाद, वैचारिक आदान-प्रदान और आधुनिक बदलावों को समझने के महत्व को रेखांकित किया गया। शाम को कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागियों के लिए विशेष चाय का आयोजन किया गया।