हिमाचल प्रदेश के चितकुल गांव में सर्दियों की सैर, जानिए भारत के आखिरी गांव की खास बातें और ट्रैवल गाइड

Share

- Advertisement -

Kinnaur News: अगर आप सर्दियों में बर्फ से ढके पहाड़ और लकड़ी के खूबसूरत घर देखना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश का चितकुल गांव बेहतरीन विकल्प है. किन्नौर जिले में बसपा नदी के किनारे करीब 3,450 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है.

यह भारत-तिब्बत सीमा के समीप बसा आखिरी आबादी वाला गांव माना जाता है. सर्दियों की शुरुआत से पहले ही यहां के पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक जाते हैं. साफ मौसम में यहां से हिमालय के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं. गांव के पास बहती बसपा नदी इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है.

चितकुल के पारंपरिक लकड़ी के मकान और अनूठी पहाड़ी जीवनशैली इसे अन्य हिल स्टेशनों से पूरी तरह अलग बनाती है. गांव में स्थित ऐतिहासिक माथी देवी मंदिर के प्रति स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है. पर्यटक यहां नदी किनारे घूम सकते हैं, हालांकि वहां जाने पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

सर्दियों में सफर से पहले रखें इन बातों का ध्यान

सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण चितकुल जाने वाला मुख्य मार्ग अक्सर बंद हो जाता है. इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन और मार्ग की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें. कड़ाके की ठंड से बचने के लिए मोटी जैकेट, दस्ताने, गर्म मोजे और बेहतर ग्रिप वाले शूज साथ रखें.

खराब मौसम के कारण रास्ते में रुकावट आ सकती है, इसलिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना बेहतर रहेगा. पर्यटकों के लिए नवंबर-दिसंबर या वसंत ऋतु में यात्रा करना सबसे मुफ़ीद माना जाता है. चितकुल पहुंचने के लिए दिल्ली या शिमला से किन्नौर होते हुए पहले सांगला पहुंचना पड़ता है, जहां से टैक्सी उपलब्ध होती है.

चितकुल में रुकने की जगहें और प्रमुख दर्शनीय स्थल

सफर पर निकलने से पहले सांगला या चितकुल में ठहरने की व्यवस्था पहले से बुक कर लें. रास्ता और मौसम अनुकूल रहने पर आप पास के खूबसूरत रकछम गांव में भी स्टे कर सकते हैं. चितकुल पहुंचकर आप गांव की शांत गलियों, प्रसिद्ध माथी देवी मंदिर और बसपा नदी के आसपास की जगहों का आनंद ले सकते हैं.

चितकुल की यात्रा बेहद सुखद हो सकती है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है. सीमावर्ती इलाका होने के कारण प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी जाती है. सही तैयारी और सड़क की सटीक जानकारी के साथ की गई यह ट्रिप आपके लिए हमेशा यादगार रहेगी.

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News