Jwalamukhi News: ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के चंगर इलाके के सर्वांगीण विकास और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर शुक्रवार को खुंडियां में जोरदार सांकेतिक धरना हुआ। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में क्षेत्र की 25 पंचायतों से 100 से 150 प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया। लोगों ने इलाके की कथित उपेक्षा खत्म करने और बजट में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की मांग उठाई।
यह सांकेतिक धरना प्रदर्शन एडवोकेट रोहित कुमार राणा और अश्विनी कुमार के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है। यह क्षेत्र के अधिकारों, समान विकास और नई पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा विषय है। जनता लंबे समय से बुनियादी समस्याओं के समाधान का रास्ता देख रही है।

धरने के बाद नायब तहसीलदार खुंडियां के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कांगड़ा सांसद और स्थानीय विधायक को विस्तृत मांगपत्र भेजा गया। ज्ञापन में चंगर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उच्च स्तर पर संज्ञान लेने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए तुरंत ठोस एक्शन प्लान लागू करना चाहिए।
सड़कों की गुणवत्ता जांच और ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने की मांग
सड़क व्यवस्था में सुधार और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष गुणवत्ता जांच प्रदर्शन की सबसे प्रमुख मांग रही। लोगों ने सड़कों पर बिछाई जाने वाली तारकोल, कंक्रीट स्लैब, डंगों और नालियों के काम पर सवाल उठाए। जनता ने मांग की कि संबंधित अधिकारी केवल ऑफिस में न बैठें, बल्कि फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कार्य पूरा करें।
बरसात के मौसम में सड़कों और डंगों को होने वाले भारी नुकसान से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध जरूरी हैं। घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संपर्क मार्गों की मरम्मत और नई सड़कों का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए ताकि दूरदराज के गांव मुख्य हाईवे नेटवर्क से सीधे जुड़ सकें।
अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जरूरी
क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी चर्चा के केंद्र में रही। खुंडियां अस्पताल सहित अन्य स्थानीय केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों और आधुनिक मेडिकल उपकरणों की भारी कमी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यह सुविधाएं केवल कागजों और बिल्डिंगों तक सीमित न रहें, बल्कि मरीजों को उनका सीधा लाभ तुरंत मिले।
तिहरी, महादेव, लगड़ू और मझीण जैसे पहाड़ी इलाकों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत बनाया जाए। रात के समय इमरजेंसी इलाज की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। घरना क्षेत्र की डिस्पेंसरी को भी सुचारू रूप से संचालित किया जाए ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी संस्थान और खेल मैदान
चंगर क्षेत्र के युवाओं के लिए खुंडियां में डिग्री कॉलेज और आईटीआई जैसी तकनीकी ट्रेनिंग सुविधाओं को मजबूत करने की मांग उठी। छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर पूरे संसाधन मिलने चाहिए। शिक्षण संस्थानों में आधुनिक लैब और योग्य स्टाफ की तैनाती जरूरी है।
इसके साथ ही युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए पब्लिक ग्राउंड और इंडोर स्टेडियम की सख्त जरूरत है। उचित कोचिंग और खेल संसाधन न होने से प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ही नई पीढ़ी को नशे और डिप्रेशन के खतरे से पूरी तरह बचाया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और कृषि बागवानी को प्रोत्साहन
रोजगार के अभाव में युवाओं का लगातार हो रहा पलायन इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट, स्वरोजगार और स्मॉल बिजनेस को आर्थिक सहयोग देने की मांग की। युवाओं को वादों के बजाय जमीन पर ठोस मौके मिलने चाहिए ताकि वे सम्मान से जीवन जी सकें।
बारिश पर निर्भर खेती को सहारा देने के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीक और कृषि विभाग की मदद मांगी गई। अमरूद, आम, नाशपाती, लीची, संतरा और नींबू की बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा फसलों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए फेंसिंग की पुख्ता योजना बनाई जाए।

पर्यटन विकास और 50 फीसदी बजट हिस्सेदारी का संकल्प
ज्वालामुखी शक्तिपीठ के निकट होने के कारण चंगर क्षेत्र में टूरिज्म की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को होमस्टे और गाइड के रूप में नए रोजगार मिल सकते हैं। इसके लिए बेहतर सड़कें, पार्किंग, साफ-सफाई और जरूरी पब्लिक टॉयलेट्स जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करना बेहद जरूरी है।
दूरदराज के रूटों पर सरकारी बसों के फेरे बढ़ाने और नाइट सर्विस शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास केवल शिलान्यास और सरकारी भवनों तक सीमित न रहे। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के कुल बजट का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा चंगर के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए दिया जाए।
धरने की अगुवाई कर रहे रोहित कुमार राणा और अश्विनी कुमार ने कहा कि चंगर की जनता किसी से खैरात नहीं, बल्कि अपना हक मांग रही है। उन्होंने सभी 25 पंचायतों के लोगों का आभार जताया। नेताओं ने दोहराया कि जब तक क्षेत्र को न्याय नहीं मिलता, यह लोकतांत्रिक संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से लगातार जारी रहेगा।
