Chamba News: अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले के इतिहास में पहली बार आयोजित मिस मिंजर क्वीन प्रतियोगिता का खिताब चम्बा की नंदनी ने अपने नाम कर लिया है। इस सौंदर्य स्पर्धा में कांगड़ा की अर्चिशा फर्स्ट रनरअप और मंडी की श्रेया सैकेंड रनरअप रहीं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
स्थानीय प्रशासन की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की युवतियों को अपने सौंदर्य, आत्मविश्वास और पारंपरिक परिधानों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच देना था। मिंजर मेले के समापन समारोह में विजेताओं को नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
चार दिन की तैयारी में नंदनी ने हासिल किया यह मुकाम
मिस मिंजर क्वीन बनीं नंदनी चम्बा जिले के सुरंगानी क्षेत्र की बियाणा पंचायत की निवासी हैं। वह बी-फार्मेसी की पढ़ाई के साथ जीपैट की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता शेर सिंह राठौर और माता हिमति देवी दोनों शिक्षक हैं। नंदनी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और दादी के मार्गदर्शन को देती हैं।
छुट्टियों में घर आईं नंदनी ने जानकारी मिलने पर अचानक ऑडिशन दिया था। मात्र चार दिन की कड़ी मेहनत से उन्होंने यह ताज हासिल किया। नंदनी का मानना है कि चम्बा में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस लड़कियों को झिझक छोड़कर आगे आना चाहिए।
अर्चिशा और श्रेया ने भी सौंदर्य स्पर्धा में लहराया परचम
फर्स्ट रनरअप रहीं कांगड़ा की अर्चिशा मनोचिकित्सा की छात्रा हैं। उनके पिता राजनीतिज्ञ और माता शिक्षिका हैं। इससे पहले मिस नॉर्दर्न इंडिया की रनरअप रह चुकीं अर्चिशा अब बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने युवतियों को घर की दहलीज से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा साबित करने का संदेश दिया।

सैकेंड रनरअप का खिताब जीतने वाली मंडी की श्रेया एक ऑटो चालक की बेटी हैं। डेटा एनालिसिस का कोर्स कर रहीं श्रेया फ्रीलांस मॉडल और क्लासिकल डांसर भी हैं। इससे पहले मिस हिमालयन प्रिंसेस रह चुकीं श्रेया का अगला लक्ष्य मिस इंडिया और मिस यूनिवर्स बनना है।