Chamba News: कारगिल विजय दिवस के मौके पर ऐतिहासिक चम्बा चौगान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर अमर शहीदों को पुष्प अर्पित किए। इस दौरान कारगिल युद्ध के नायकों के शौर्य को याद किया गया, जिसने सभी लोगों को गर्व महसूस कराया।
सैनिक कल्याण कार्यालय चम्बा के कार्यकारी उप निदेशक कैप्टन तिलक राज धीमान ने युद्ध में जिले के योगदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में चम्बा जिले के 3 वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनमें सिहुंता के खेम राज, ओम प्रकाश और तुनुहट्टी के आशीष थापा देश के लिए शहीद हुए थे।
राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों को सम्मान पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। शहीदों को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे माता-पिता धन्य हैं, जिनके बच्चों ने देश के लिए प्राण न्यौछावर किए। राष्ट्र उनके इस बलिदान को हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने माहौल को भावुक कर दिया।
समारोह में परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के अदम्य साहस और वीरता को भी विशेष रूप से याद किया गया। युद्ध के दौरान उनकी टुकड़ी ने हंप और रॉकी नैब जैसी दुर्गम चोटियों पर विजय पाई थी। इसके बाद उन्हें कैप्टन पद पर प्रमोट कर श्रीनगर-लेह मार्ग की बेहद महत्वपूर्ण पॉइंट 5140 चोटी को फतह करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने दिया बलिदान
कार्यक्रम में बताया गया कि मई से जुलाई 1999 के बीच लड़े गए कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सपूतों ने अपनी शहादत दी थी। इस पूरे युद्ध में अकेले हिमाचल प्रदेश के 52 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के नाम से भी जाना और पुकारा जाता है।