Chamba News: चंडीगढ़ पीजीआई से घर लौट रहा एक परिवार भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। बुधवार सुबह रावी नदी किनारे गैहरा में परिवार के चार सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। तीन महीने के मासूम बच्चे को परंपरा के अनुसार भू-समाधि दी गई।
मृतकों में हिमाचल प्रदेश पुलिस की सेकेंड आईआरबीएन में तैनात जवान रिपन कुमार भी शामिल थे। बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस के जवानों ने उन्हें गारद की सलामी दी। इस दौरान पूरा गांव और रिश्तेदार रावी नदी के किनारे गमगीन माहौल में मौजूद थे।
एक ही मंडप में उठीं चार चिताएं
नोएडा में काम करने वाले विपन कुमार खबर मिलते ही गांव पहुंचे। उन्होंने अपने पिता बचन सिंह, भाई रिपन, भाभी रिम्पी और कीर्ति की चिताओं को मुखाग्नि दी। अपने हाथों से पूरे परिवार का अंतिम संस्कार करते देखना हर किसी के लिए बेहद दर्दनाक पल था।
गैहरा गांव में मातम पसरा हुआ है और लगातार दूसरे दिन चूल्हा नहीं जला। जिस मासूम के इलाज के बाद लौटने पर गांव खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, उसकी मौत से सभी दुखी हैं। इस हादसे ने बचन सिंह की पत्नी तृप्ता देवी और बड़े बेटे विपन को अकेला छोड़ दिया।
यह परिवार चंडीगढ़ में मासूम बच्चे के कटे होंठ की दूसरी सर्जरी कराने गया था। डॉक्टरों ने सफल इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया था। स्वजन खुश होकर वापस लौट रहे थे, तभी पठानकोट-भरमौर हाईवे पर लाहड़ के पास कार 200 फीट गहरी खाई में गिर गई।