Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा से पहले प्रशासन ने भरमौर उपमंडल में ग्रीन टैक्स लागू कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था अब लगातार जारी रहेगी।
भरमौर में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के पात्र वाहनों से उनकी श्रेणी के आधार पर टैक्स लिया जाएगा। टैक्स संग्रह के लिए भरमौर स्थित ‘सुंकू की टपरी’ में विशेष कर संग्रह केंद्र स्थापित किया गया है। यात्रा के दौरान बढ़ने वाले यातायात को नियंत्रित करने में भी इससे मदद मिलेगी।
वाहनों की श्रेणी के अनुसार तय की गई ग्रीन टैक्स की दरें
प्रशासन द्वारा जारी दरों के अनुसार दोपहिया वाहनों से 50 रुपये और कारों से 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा एसयूवी तथा एमयूवी वाहनों के लिए 300 रुपये और बसों के लिए 500 रुपये ग्रीन टैक्स निर्धारित किया गया है। यह शुल्क केवल अन्य राज्यों से आने वाले व्यावसायिक और निजी वाहनों पर लागू होगा।
स्थानीय निवासियों और क्षेत्रीय वाहनों को इस टैक्स से राहत दी गई है। आरएलए भरमौर में पंजीकृत वाहनों, स्थानीय निवासियों की गाड़ियों और स्थानीय टैक्सी यूनियन के वाहनों को ग्रीन टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इससे स्थानीय लोगों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए जारी होंगे विशेष पास
भरमौर से खड़ामुख के बीच रोजाना आवागमन करने वाले वाहन चालकों के लिए प्रशासन द्वारा विशेष पास जारी किए जाएंगे। पासधारक वाहनों से किसी भी प्रकार का ग्रीन टैक्स नहीं लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस छूट से दैनिक यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों को आवाजाही में काफी सहूलियत मिलेगी।
ग्रीन टैक्स से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और पर्यावरण सुरक्षा के कार्यों में किया जाएगा। मणिमहेश यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में इस व्यवस्था से सुचारू यातायात प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।