Kangra News: कांगड़ा जिले के बैजनाथ और पपरोला बाजार को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सात किलोमीटर लंबे बाईपास का काम आगे बढ़ा है। राजस्व विभाग ने जमीन से जुड़ी अड़चनों को दूर करते हुए विवरण लोक निर्माण विभाग को भेज दिया है। अब खड़ानाल पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार है।
लोक निर्माण विभाग ने प्रोजेक्ट का शुरुआती खाका तैयार कर लिया है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। प्रस्तावित बाईपास के रूट पर बिनवा और संसाली खड्ड पर दो नए पुल बनाने का प्रावधान भी शामिल है।
प्रस्तावित बाईपास पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर पपरोला से दो किलोमीटर पहले टाशीजोंग से शुरू होगा। यह रास्ता खड़ानाल पंचायत के पंतेहड़, कंडी, मलघोटा और कुणी गांवों की ऊपरी पहाड़ियों से गुजरेगा। इसके बाद यह सड़क उतराला मार्ग पर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के पास पहुंचेगी, जिससे गाड़ियों की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।
फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के पास बिनवा खड्ड पर बनने वाले पुल से बाईपास को सेहल मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यह बाईपास बैजनाथ के ऊपरी हिस्से से होकर नेशनल हाईवे में मिलेगा। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार शुरुआत में थोड़ी निजी जमीन आ रही है, जबकि अधिकांश हिस्सा वन विभाग और सरकारी जमीन के अंतर्गत आता है।
बाईपास निर्माण के लिए खड़ानाल पंचायत का एनओसी सबसे जरूरी है। स्थानीय विरोध के बीच पंचायत प्रतिनिधि लोगों को सहमति के लिए मना रहे हैं। पंचायत उपप्रधान रोहित जम्वाल ने बताया कि 11 सितंबर को कोरम की बैठक होगी। उम्मीद है कि बैठक में ग्रामीण बाईपास के पक्ष में सहमति देंगे और एनओसी जारी हो जाएगा।
राजस्व विभाग के तहसीलदार रमन ठाकुर ने बताया कि बाईपास की भूमि का पूरा रिकॉर्ड लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। वहीं विभाग का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनओसी मिलते ही कंसलटेंट रिपोर्ट और टेंडर की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर लिया जाएगा।