Kangra News: सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल असत्य के सहारे अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव में हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करना अब विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बन चुका है।
गगल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि झूठ के पांव नहीं होते हैं। जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब उसे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं या चुनाव प्रक्रिया में कोई खामी दिखाई नहीं देती। लेकिन परिणाम विपरीत आते ही वह संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने लगती है।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी ताकतों के एजेंडे पर काम करते हुए भारतीय लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने युवा मोर्चा से भाजपा तक कई आंदोलनों में भाग लिया है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के लिए तय नियमों और प्रशासनिक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं हो सकता। आंदोलन की आड़ में मनगढ़ंत आरोप लगाकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करना पूरी तरह अनुचित है। बार-बार विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से संवैधानिक प्रणाली पर सवाल उठाने के बजाय प्रक्रियात्मक और कानूनी रास्तों का उपयोग किया जाना चाहिए।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को स्पष्ट करना चाहिए कि किस श्रेणी के नाम पर आपत्ति है। यदि सूची से मृत लोगों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों या स्थानांतरित हो चुके नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, तो इस सामान्य प्रक्रिया पर राजनीतिक विवाद खड़ा करना पूरी तरह बेबुनियाद है।
