Hamirpur News: ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल शिप पर हुए मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल के मर्चेंट नेवी ऑफिसर आदित्य शर्मा के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। पिता राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्र सरकार से जवाब मांगने की अपील की।
आदित्य के पिता ने बताया कि दर्दनाक हादसे को एक महीना बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक कोई जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। परिवार को यह भी नहीं बताया गया कि एक निहत्थे व्यापारिक जहाज पर मिसाइल से हमला कैसे हो गया। उन्होंने मामले में दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
व्यापारिक जहाज पर हमला और परिजनों की मुख्य मांगें
मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में परिजनों ने बताया कि जहाज का किसी युद्ध या सैन्य गतिविधि से संबंध नहीं था। शिप पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। परिजनों ने मांग की है कि इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच हो और केंद्र सरकार रिपोर्ट सार्वजनिक करे। साथ ही भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
पिता राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ था, उसे ठीक करके दोबारा समुद्र में भेज दिया गया। दूसरी ओर परिवार को सिर्फ बेटे का पार्थिव शरीर मिला। पीएमओ से मिलने का समय मांगने पर भी एक महीने से कोई जवाब नहीं आया है।
मुख्यमंत्री ने दिया संसद में मुद्दा उठाने का भरोसा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने परिवार को आश्वासन दिया कि हिमाचल के सांसद संसद के आगामी मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाएंगे। मुख्यमंत्री खुद केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगेंगे। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में हर संभव मदद देने और न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में नादौन क्षेत्र के रहने वाले आदित्य शर्मा नवंबर 2025 में ड्यूटी पर गए थे। वह जुलाई 2026 में घर वापस लौटने वाले थे। इसी दौरान उनके शिप पर यह भीषण हमला हो गया। इस दुखद हादसे के बाद से ही उनका परिवार लगातार सच सामने लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।