Health Desk: अच्छी सेहत और दिमाग के सही कामकाज के लिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। हालांकि, हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिसर्च के अनुसार खराब नींद या बिगड़ा हुआ स्लीप साइकल आपके दिमाग को कितना नुकसान पहुंचाएगा, यह काफी हद तक आपके जीन पर भी निर्भर करता है।
एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि आनुवंशिकी और नींद की आदतें मिलकर अल्जाइमर रोग से जुड़े शुरुआती बदलावों को प्रभावित करती हैं। रात में सोने के दौरान दिमाग की सफाई करने वाली प्रणाली में शामिल एक खास जीन यह निर्धारित करता है कि नींद की कमी से मस्तिष्क पर कितना गंभीर असर पड़ेगा। ये लक्षण बीमारी दिखने से कई साल पहले शुरू हो जाते हैं।
एक्वापोरिन-4 जीन की जांच से सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान एक्वापोरिन-4 (एक्यूपी4) नामक जीन की बारीकी से जांच की। यह जीन दिमाग में तरल पदार्थों के प्रवाह को नियंत्रित करके कचरे और हानिकारक प्रोटीन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। नींद के दौरान यह सफाई प्रक्रिया काफी सक्रिय हो जाती है, जो अल्जाइमर से जुड़े जहरीले प्रोटीन्स को साफ करने का काम करती है।
शोधकर्ता डॉ. आयशा मिलिगन आर्मस्ट्रांग के मुताबिक नींद का असर इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति में एक्यूपी4 जीन का कौन सा रूप मौजूद है। विशेष प्रकार वाले जीन से पीड़ित व्यक्तियों में कम नींद लेने पर ग्रे मैटर का नुकसान तेजी से देखा गया। इससे साबित होता है कि एक ही जीन सोने के तरीके के आधार पर सुरक्षात्मक या नुकसानदायक हो सकता है।