Bhagalpur News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मी वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा सिंह ने भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाकर चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। 12,000 से अधिक निसंतान दंपतियों को मातृत्व का सुख दिलाने के साथ ही वे स्लम बस्तियों की बेसहारा महिलाओं का मुफ्त इलाज और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कर उन्हें नई जिंदगी दे रही हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मी डॉ. प्रतिभा सिंह ने विवाह के बाद बिहार के भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया और आज वे इस क्षेत्र की हजारों महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद बनकर उभरी हैं। अपने पति एवं जाने-माने सर्जन डॉ. संजय सिंह के साथ भागलपुर आने के बाद उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई। अपने संस्थान ‘हीलिंग टच हॉस्पिटल’ (तिलकामांझी, टीएनबी कॉलेज के समीप) में वे आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं का निःशुल्क इलाज करने के साथ दवाइयों और देखभाल की पूरी व्यवस्था करती हैं।
स्लम बस्तियों में स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की मुहिम
डॉ. प्रतिभा सिंह वर्ष 2007 से विख्यात स्वयंसेवी संस्था ‘सेवा’ (SEWA) से जुड़कर मलिन बस्तियों की महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें स्वावलंबी बनाने में सक्रिय हैं। वे महिलाओं में तेजी से फैलने वाले ‘सर्वाइकल कैंसर’ की समय पर पहचान के लिए नियमित जांच शिविर आयोजित करती हैं और पीड़ित महिलाओं का संपूर्ण उपचार करवाती हैं। इसके अलावा, ऑस्टियोपोरोसिस, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों की निःशुल्क जांच के साथ-साथ वे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंक ऋण और स्वरोजगार के साधनों से जोड़ने में भी सहयोग करती हैं।
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और भागलपुर में पहले IVF सेंटर की स्थापना
डॉ. प्रतिभा सिंह ने 1988 में जीआर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर से एमबीबीएस और 1994 में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज से स्त्री एवं प्रसूति रोग में एमडी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने जर्मनी की गीसेन यूनिवर्सिटी से एडवांस्ड लैप्रोस्कोपी और दुबई से आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वर्ष 2006 में उन्होंने भागलपुर के पहले आईवीएफ सेंटर की स्थापना की। आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से वे अब तक 12,000 से अधिक निसंतान महिलाओं को मातृत्व का सुख दिला चुकी हैं, जो इस पूरे प्रमंडल के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फलक पर पहचान
चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए वर्ष 2023 में ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ‘रॉयल कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स’ (RCOG) ने उन्हें एसोसिएट सदस्यता से सम्मानित किया। वर्तमान में वे ‘इंडियन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स’ (ICOG) की गवर्निंग काउंसिल की सदस्य हैं। इसके अलावा, वे 2021 से 2024 तक देश की प्रतिष्ठित ‘इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी’ (IMS) की ‘फर्टिलिटी एंड एजिंग कमेटी’ की चेयरपर्सन के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।