Delhi News: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी मिनरल्स में से एक है। यह केवल हड्डियों और दांतों को मजबूत नहीं बनाता, बल्कि मांसपेशियों, नसों और दिल की कार्यप्रणाली को भी बेहतर रखता है। इसकी कमी से बचने के लिए समय पर डाइट में बदलाव करना बेहद जरूरी है।
डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके के अनुसार, शरीर में कैल्शियम की कमी लंबे समय तक रहने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर सही खानपान अपनाना चाहिए। बढ़ती उम्र के लोगों, मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाओं और विटामिन D की कमी वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
कैल्शियम की कमी के ये हैं प्रमुख शुरुआती लक्षण
शरीर में कैल्शियम घटने पर कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इनमें जोड़ों में बार-बार दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना शामिल है। इसके अलावा अत्यधिक कमजोरी, कमजोर होकर नाखूनों का टूटना, दांतों में कमजोरी, तेजी से बाल झड़ना और दिल की धड़कन धीमी होना भी इसके मुख्य संकेत हैं।
कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए खाएं ये फूड्स
- दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को रोजाना अपनी डाइट में शामिल करें।
- पालक, मेथी, सरसों और बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स हैं।
- आधा चम्मच भुना हुआ सफेद या काला तिल रोज खाएं या इसे सलाद में मिलाएं।
- रागी की रोटी, डोसा या दलिया बनाकर खाएं, रोजाना दो रोटी खाना काफी फायदेमंद है।
- एक मुट्ठी भीगे हुए बादाम खाएं, इसमें कैल्शियम के साथ हेल्दी फैट और प्रोटीन होता है।
यह जानकारी सामान्य अध्ययन और डॉक्टरी परामर्श पर आधारित है। किसी भी तरह के विशेष डाइट बदलाव या स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा किसी योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।