New Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजते हुए ट्रायल कोर्ट को उनका पासपोर्ट लौटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का यह फैसला अभिनेता द्वारा अदालत की रजिस्ट्री में दो करोड़ रुपये जमा कराने के बाद आया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राशि जमा होने से विवाद आपसी सहमति से सुलझने की उम्मीद है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट मिलने के बाद अभिनेता काम के सिलसिले में विदेश जा सकते हैं, लेकिन वापस लौटने की सूचना उन्हें निचली अदालत को देनी होगी।
आपसी बातचीत से विवाद निपटाने के लिए मध्यस्थ नियुक्त करेगा कोर्ट
अदालत ने दोनों पक्षों को मध्यस्थ के समक्ष बैठकर विवाद सुलझाने का निर्देश दिया। पीठ ने छूट दी कि मध्यस्थ की अनुमति से पक्षकार ऑनलाइन या ऑफलाइन जुड़ सकते हैं। इससे पहले कोर्ट ने रकम जमा न करने पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद अभिनेता ने अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर दो करोड़ रुपये की व्यवस्था की।
यह विवाद साल 2010 से जुड़ा है, जब एक फिल्म के निर्माण के लिए अभिनेता और उनकी पत्नी को पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। तय समय पर काम पूरा न होने पर यह कानूनी विवाद शुरू हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए इस पुराने मामले को पूरी तरह खत्म करने का सुझाव दिया है।
