National News: टीवी अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने दिवाली पर पटाखों को लेकर होने वाली आलोचना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि शादियों और अन्य आयोजनों को छोड़कर केवल दिवाली को ही क्यों निशाना बनाया जाता है। अभिनेत्री ने जानवरों को परेशान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मर्यादित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
टेलीविजन अभिनेत्री पवित्रा पुनिया ने दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने का विरोध करने वालों पर निशाना साधा है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने सवाल किया कि जश्न के दौरान तेज आवाज पर आपत्ति सिर्फ दिवाली के समय ही क्यों जताई जाती है, जबकि अन्य अवसरों पर ऐसा कोई विरोध देखने को नहीं मिलता। इसके साथ ही उन्होंने जानवरों की सुरक्षा और त्योहारों को लेकर समाज के दोहरे मापदंड पर अपनी बात रखी।
तेज आवाजों और पालतू जानवरों पर रखी अपनी राय
पवित्रा पुनिया ने खुद को पशु प्रेमी बताते हुए स्पष्ट किया कि पालतू जानवर केवल पटाखों से ही नहीं, बल्कि हर तरह के तेज और अचानक होने वाले शोर से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनके अपने कुत्ते भी ट्रैफिक के शोर, गाड़ियों के हॉर्न और किसी भारी चीज के गिरने की आवाज से भयभीत हो जाते हैं। इसलिए यह तर्क सही नहीं है कि जानवरों को केवल पटाखों की आवाज से ही परेशानी होती है।
इसके साथ ही उन्होंने त्योहारों के दौरान बेजुबान जानवरों को जानबूझकर तंग करने वाले लोगों की कड़ी निंदा की। पवित्रा ने कहा कि जो लोग कुत्तों या अन्य जानवरों को परेशान करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
शादियों और अन्य आयोजनों के दोहरे रवैये पर सवाल
अभिनेत्री ने सवाल उठाया कि जब लोग शादियों या सालगिरह पर पटाखे जलाकर खुशियां मनाते हैं, तब कोई भी इस तरह की नसीहतें नहीं देता। लेकिन दिवाली आते ही लोग अचानक सीख देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय के लोगों को अपने ही त्योहारों के समय बचाव की मुद्रा में आना पड़ता है, जो बेहद निराशाजनक है।
पवित्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्योहार साल में एक या दो बार आते हैं, इसलिए इन्हें पूरी सावधानी और खुशियों के साथ मनाएं। अपनी सीमाओं का ध्यान रखें ताकि किसी भी पशु या पक्षी को नुकसान न पहुंचे।
केवल दिवाली पर घर की सफाई की परंपरा पर किया मजाक
वीडियो के अंत में पवित्रा ने दिवाली से ठीक पहले होने वाली बड़े पैमाने की सफाई पर भी हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने पूछा कि लोग पूरे साल घरों को साफ रखने के बजाय केवल दिवाली से ठीक पहले इतनी मशक्कत क्यों करते हैं। उन्होंने मजाकिए लहजे में सवाल किया कि क्या रामायण में कहीं ऐसा लिखा है कि केवल त्योहार से पहले ही पूरे घर की सफाई की जानी चाहिए।