लखनऊ में सर्वोदय बालिका विद्यालय की 250 छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को लेकर किया चक्का जाम, 8 किमी पैदल मार्च

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की करीब 250 छात्राओं ने शिक्षकों की कमी और हॉस्टल की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने भारी बारिश के बीच दुबग्गा-कानपुर बाईपास पर चक्का जाम किया और फिर डीएम आवास का घेराव करने के लिए करीब 8 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला।

सोमवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस टीम ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। लगभग दो घंटे बाद छात्राएं मोहान रोड से बालागंज चौराहे की ओर बढ़ गईं, जहां अधिकारियों ने बातचीत कर उन्हें वापस भेजा।

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प्रदर्शन का मुख्य कारण साइंस स्ट्रीम में शिक्षकों का न होना था। छात्राओं के अनुसार, बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक होने के बावजूद फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी, हॉस्टल वार्डन का अनुचित व्यवहार और क्लास टाइमिंग से जुड़ी शिकायतें भी छात्राओं ने प्रमुखता से उठाईं।

सड़क पर हंगामे के बाद समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव विद्यालय पहुंचे। करीब ढाई घंटे चली बैठक में उन्होंने छात्राओं की मांगों पर चर्चा की। प्रमुख सचिव ने बताया कि फिजिक्स की टीचर मैटरनिटी लीव पर हैं और जल्द ही नियमित शिक्षकों की तैनाती कर व्यवस्था को सामान्य कर दिया जाएगा।

विभागीय मंत्री असीम अरुण ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि गेस्ट इंस्ट्रक्टर की सेवा को लेकर हाईकोर्ट में मामला चल रहा था। विभाग ने कोर्ट में पक्ष रख दिया है और जल्द सकारात्मक आदेश मिलने की उम्मीद है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा भी दिया।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारी संजीव सिंह ने पुष्टि की कि वार्डन के व्यवहार, मोबाइल फोन के उपयोग की अनुमति और क्लास शेड्यूल जैसी आंतरिक मांगों पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाएगा।

राज्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा 94 जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वंचित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इससे पहले 14 अगस्त को भी छात्रों ने इसी तरह का प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मंत्री असीम अरुण ने मौके पर जाकर बातचीत की थी।

छात्राओं के इस बड़े प्रदर्शन के बाद प्रदेश में सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार की शिक्षा नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब छात्राओं को क्लासरूम में होना चाहिए, तब वे सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं।

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Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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