Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व बढ़ाने के लिए लॉटरी शुरू करने के फैसले पर भारी सियासी विवाद छिड़ गया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने बुधवार को विधानसभा के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस कदम को युवा पीढ़ी के लिए बेहद घातक बताते हुए सरकार से इस नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लोग हमेशा ऐसी चीजों से दूर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वित्तीय संकट के नाम पर सरकार ने पहले जनता पर नए टैक्स लगाए। अब खजाना भरने के लिए लॉटरी शुरू कर नई लत को बढ़ावा दे रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने नशे के संकट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य पहले से चिट्टे जैसी खतरनाक समस्या से जूझ रहा है। ऐसे दौर में लॉटरी शुरू करने से समाज में विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि लॉटरी को केवल किस्मत का खेल बताना जनता के साथ एक भद्दा मजाक है।
जयराम ठाकुर ने याद दिलाया कि पुराने समय में लॉटरी के चक्कर में कई हंसते-खेलते परिवार बर्बाद हो चुके हैं। हालात इतने बिगड़े कि लोगों को अपने मकान और जमीन तक बेचने पड़े। सरकार को मेहनत का सम्मान करने वाली नीति बनानी चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था जहां हजारों लोगों की मेहनत की कमाई किसी एक की किस्मत पर लुट जाए।
भाजपा ने भांग की खेती को वैध बनाने और बेरोजगारी जैसे मामलों पर भी सुक्खू प्रशासन को पूरी तरह नाकाम बताया। ठाकुर ने कहा कि पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियों का वादा झूठा साबित हुआ है। आज प्रदेश का युवा खुद को ठगा महसूस कर रहा है और परेशान कर्मचारी अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।