Lucknow News: लखनऊ के कालीचरण पीजी कॉलेज में आयोजित परिचर्चा में अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंडमान का इतिहास देश की भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सेल्युलर जेल की क्रूर यातनाएं भी स्वतंत्रता सेनानियों के हौसले को डिगा नहीं सकीं। कार्यक्रम में आजादी की लड़ाई में लखनऊ और अंडमान के ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया गया।
लखनऊ स्थित कालीचरण पीजी कॉलेज में ‘स्वतंत्रता आंदोलन में अंडमान-निकोबार का महत्व’ विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंडमान-निकोबार अब ‘काला पानी’ नहीं, बल्कि ‘अमृत’ बन चुका है। वहां स्वतंत्रता आंदोलन का ऐसा गौरवशाली इतिहास दर्ज है, जो देश की आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
अंग्रेजों के अमानवीय अत्याचार भी नहीं तोड़ सके सेनानियों का मनोबल
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों पर नाखून उखाड़ने, कोड़े बरसाने और आंखें फोड़ने जैसी अमानवीय यातनाएं दीं, लेकिन सेल्युलर जेल के ये कठोर अत्याचार भी उनके अटूट संकल्प को नहीं डिगा सके। अमर बलिदानी ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते हुए हंसते-हंसते शहीद हो गए, लेकिन उन्होंने कभी औपनिवेशिक हुकूमत के सामने घुटने नहीं टेके। उन्होंने रेखांकित किया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में लखनऊ और अंडमान दोनों की ऐतिहासिक भूमिका रही है। उस दौर में लखनऊ के भी 18 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को ब्रिटिश हुकूमत बंदी बनाकर अंडमान ले गई थी।
आज ‘मिनी भारत’ का स्वरूप ले चुका है अंडमान-निकोबार
उपराज्यपाल ने कहा कि आज का अंडमान-निकोबार एक जीवंत ‘मिनी भारत’ का रूप धारण कर चुका है, जहां देश के कोने-कोने से आए लोग परस्पर सद्भाव के साथ रहते हैं। कालीचरण पीजी कॉलेज से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे सदैव इस संस्थान के शैक्षणिक व सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ नेता स्वर्गीय लालजी टंडन के योगदान को भी स्मरण किया।
वरिष्ठ शिक्षाविद और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। महाविद्यालय के प्रबंधक इंजीनियर वीके मिश्र ने कहा कि डॉ. शर्मा ने सार्वजनिक जीवन में निरंतर जनकल्याण और उच्च शिक्षा के संवर्धन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. चंद्रमोहन उपाध्याय, समाजशास्त्र विभाग के प्रो. वीएन मिश्र, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार पांडेय, प्रबंध समिति सदस्य प्रो. एमपी सिंह, इंटर कॉलेज के प्राचार्य अनिल मिश्र सहित कई शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।