दरभंगा के जाले केवीके में मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण संपन्न, कम लागत में स्वरोजगार के सीखे गुर

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Darbhanga News: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जाले में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आयोजित चार दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान 26 प्रतिभागियों को मोमबत्ती बनाने, डिजाइनिंग और व्यावसायिक प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मात्र 5 से 10 हजार रुपये के निवेश से घर पर ही यह स्वरोजगार शुरू किया जा सकता है।

वर्तमान समय में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच स्वरोजगार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जाले में चार दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के 26 युवक-युवतियों ने भाग लेकर व्यावसायिक हुनर सीखा।

कम पूंजी और सीमित संसाधनों में बेहतर आय का जरिया

कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने बताया कि मोमबत्ती निर्माण बेहद कम पूंजी और सीमित संसाधनों के साथ घर से ही शुरू किया जाने वाला सुलभ कुटीर उद्योग है। यह व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने और स्वावलंबी बनने का सीधा अवसर देता है। कम उत्पादन लागत में तैयार होने वाले इन उत्पादों पर बाजार में अच्छा मुनाफा मिल जाता है।

डिजाइनर और सुगंधित मोमबत्तियों की बाजार में भारी मांग

कार्यक्रम संचालिका डॉ. पूजा कुमारी ने प्रशिक्षणार्थियों को मोमबत्ती निर्माण के तकनीकी पहलुओं, रंगों व सुगंधों के सटीक मिश्रण, आकर्षक डिजाइनों और सजावटी दीये तैयार करने की विधि सिखाई। उन्होंने बताया कि त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और गृह सज्जा के लिए डिजाइनर व सेंटेड कैंडल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रतिभागियों को उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रभावी मार्केटिंग के तरीके भी समझाए। इस अवसर पर ई. निधि कुमारी और डॉ. चंदन कुमार सहित केंद्र के अन्य कर्मी मौजूद रहे।

5 से 10 हजार रुपये की लागत में शुरू हो सकता है काम

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू स्तर पर यह व्यवसाय मात्र 5,000 से 10,000 रुपये की लागत में सांचों, पैराफिन वैक्स, सूती धागे और सुगंध सामग्री के साथ शुरू किया जा सकता है। वहीं, सेमी-ऑटोमैटिक मशीन और आधुनिक डाई के साथ थोड़े बड़े स्तर पर काम शुरू करने के लिए 35,000 से 50,000 रुपये के शुरुआती निवेश की आवश्यकता होती है। इस उद्योग के लिए 100 से 150 वर्ग फीट का हवादार कमरा पर्याप्त रहता है और शुरुआती दौर में एक व्यक्ति स्वयं ही सारा प्रबंधन संभाल सकता है।

Desh Raj
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