Mau News: सहादतपुरा निवासी अर्चना पांडेय की शिकायत और विधान परिषद सद्भाव समिति की संस्तुति पर पुलिस ने पीसीएस अधिकारी के पिता सहित 20 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव में आकर अभिलेखों में हेरफेर करने, घर में तोड़फोड़, मारपीट और अवैध कब्जे के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सहादतपुरा निवासी अर्चना पांडेय की शिकायत पर पुलिस ने विधान परिषद सद्भाव समिति की संस्तुति के बाद पीसीएस अधिकारी विपिन मिश्रा के पिता देवेंद्र कुमार मिश्र तथा 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रविवार देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पीड़िता का आरोप है कि पीसीएस अधिकारी के प्रभाव में आकर स्थानीय अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों में हेरफेर किया और उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करवाया। स्थानीय स्तर पर डीएम और एसपी से गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने विधान परिषद की सद्भाव समिति के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की थी।
घर में तोड़फोड़, मारपीट और जेवरात छीनने का आरोप
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अर्चना पांडेय का परिवार पिछले 50 वर्षों से सहादतपुरा स्थित पशु अस्पताल के पीछे अपने मकान में निवास कर रहा है। आरोप है कि बीते 1 जून की दोपहर लगभग 1:30 बजे आरोपी 15-20 अज्ञात व्यक्तियों के साथ हथियारों, लोहे की रॉड, हथौड़े और फावड़ों से लैस होकर उनके घर पहुंचे। इन लोगों ने चारदीवारी और मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा घर में घुसकर तोड़फोड़ की।
पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने और उनके पति ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की और उनके पति के हाथ से सोने का ब्रेसलेट छीन लिया। पीड़िता के मुताबिक यह पूरी घटना उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है।
राजस्व अभिलेखों में हेरफेर और अवैध रजिस्ट्री का दावा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, वह नॉन जेड-ए (Non-ZA) श्रेणी की भूमि है, जिसे वास्तविक कब्जे के बिना हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। आरोप है कि मात्र 3 लाख रुपये का भुगतान करके 30 लाख रुपये की मालियत दर्शाते हुए जमीन की अवैध लिखा-पढ़ी कराई गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि घटना के समय डायल 112 पर सूचना दी गई थी, लेकिन उस समय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
समिति की संस्तुति मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने एक नामजद और 15-20 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजस्व विभाग के समन्वय से अभिलेखों और तथ्यों की गहन जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।