Saharsa News: सहरसा जिले की सौरबाजार नगर पंचायत में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आवास सहायक मुकुल कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि स्वीकृत करने और किस्त जारी करने के नाम पर लाभुक से रिश्वत की मांग कर रहा था।
बिहार के सहरसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर पंचायत सौरबाजार में पदस्थापित आवास सहायक मुकुल कुमार को निगरानी विभाग की विशेष टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाभुक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी/ग्रामीण) के तहत पक्का मकान निर्माण के लिए स्वीकृत राशि और अगली किस्त जारी करने के बदले आवास सहायक मुकुल कुमार द्वारा लाभुक से घूस की मांग की जा रही थी। लाभुक को लगातार परेशान किया जा रहा था, जिससे तंग आकर पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत निगरानी विभाग से की।
निगरानी विभाग ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का प्रारंभिक सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद विभाग ने एक धावा दल का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर टीम ने आवास सहायक मुकुल कुमार को सौरबाजार में लाभुक से रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई, जहां उससे पूछताछ और अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
गरीब और बेसहारा परिवारों को छत मुहैया कराने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना में इस तरह खुलेआम रिश्वतखोरी सामने आने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सौरबाजार नगर पंचायत में आवास सहायक की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूरे सहरसा जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग की इस सख्त कार्रवाई से योजना से जुड़े बिचौलियों और भ्रष्ट कर्मियों में खलबली है।